दोस्तों,
जैसा की आप सब जानते हैं कि “वन्दे मातरम्” हमारा राष्ट्रीय गीत है और आप सब ने वन्देमातरम् गीत भी अवश्य सुना होगा। आपको यह भी ज्ञात होगा कि स्वर्गीय श्री बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी के द्वारा निर्मित इस गीत में आरंभ की छह पंक्तियां संस्कृति में हैं और बाकि बारह पंक्तियां बंगला में है।

एक समय पर इस गीत को “राष्ट्रीय गान’ का दर्जा देने की बात भी चली थी और ऐसा सुना जाता है कि इस गीत के संस्कृत और बंगला भाषा में होने के कारण इस गीत को राष्ट्रीय गान का दर्जा मिलने पर अटकलें लगाई जाती रही और अंततः, “जन गण मन” को हमारा राष्ट्रीय गान घोषित किया गया।

बताना चाहूंगा कि, किसी ने पहली बार हमारे “राष्ट्रीय गीत” की अनुवादित रचना हिंदी भाषा में की है और इसको “राष्ट्रीय गान” होने के दर्जे की प्राप्ति का मार्ग खोल दिया है।

इस गीत का अर्थपूर्ण अनुवाद शुद्ध हिंदी भाषा में किया गया है और इसके अनुवादक श्री अभिषेक शर्मा जी हैं। इस गीत को लिखते समय उन्होंने स्वर्गीय श्री बंकिम जी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस गीत की रचना की है और बहुत हद तक बंकिम जी के भाव को अपने अनुवादित गीत में समाहित करने का प्रयास किया है। इस गीत में चार अनुच्छेद है और 20 पंक्तियां है। जबकि स्वर्गीय श्री बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा निर्मित गीत में चार अनुच्छेद और 18 पंक्तियां हैं।

इस गीत का एक वीडियो भी अभिषेक शर्मा जी के यूट्यूब चैनल के माध्यम से जारी किया गया है। आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस गीत/गान को अवश्य सुनें और अपनी प्रतिक्रिया दें। साथ ही अधिक से अधिक लोगों तक इसे पहुंचाएं।

धन्यवाद🙏🙏🙏
वन्दे मातरम्।

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