क्या भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावना लॉकडाउन अवधि के दौरान बढ़ रही है? यदि हाँ, तो क्यों, आइए जानें।

आतंकवाद और जिहाद के भारतीय सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में और अधिक सक्रिय होने के कारण, भारत और पाकिस्तान के मध्य निर्णायक युद्ध होने की संभावनाएं बनती दिख रही है। और यह एक मात्र कारण नहीं है, इसके अतिरिक्त और भी बहुत से कारण हैं जिनसे यह कयास लगाया जा सकता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं।
आइए। निम्नलिखित बिंदुओं के द्वारा इन्हें जानते और समझते हैं –

1. सबसे पहले यह कहना गलत नहीं होगा कि, केवल आतंकवादी या जेहादी ही भारत से युद्ध करने के लिए उत्सुक हैं। इस बार उत्सुकता भारत की ओर से भी बहुत प्रबल है और भारत इंट का जवाब पत्थर से देने को बिल्कुल तैयार है क्योंकि भारत की तीनों सेना शक्तियों का आपसी तालमेल इस समय बहुत उत्तम है और आतंकवाद के खिलाफ भारत की सैन्य शक्ति की योजना भी बहुत सुदृढ है।

2. भारत को पास पाकिस्तान और आतंकवाद पर हमला करने का इससे अच्छा अवसर नहीं मिल सकता, जब भारत लॉक डाउन में है। क्योंकि, कहा जा सकता है कि, भारत में छुपे हुए आतंकी भी इस समय लॉकडाउन के कारण अपनी गतिविधियां नहीं कर पा रहे हैं। और यदि कोई गतिविधि करने के लिए यह घरों से बाहर आए तो तुरंत धर दबोच लिए जाएंगे। तो ऐसी स्तिथि में बाहरी आतंकवाद को भारत के भीतर छिपे आतंकियों का समर्थन नहीं प्राप्त हो पाएगा।

3. इस समय कोरोना महामारीके चलते लगभग सभी देश अपने आप को इस संकट से उबारने में लगे हुए हैं। और कुछ चुनिंदा देशों को छोड़कर इस समय दुनिया भर के देशों की आर्थिक स्थिति डामाडोल हो चुकी है।
तो इस बात से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि, दुनिया के शक्तिशाली देश भी इस समय अपने आप को अपने निजी कारणों के चलते भारत और पाकिस्तान युद्ध पर रोकथाम करने में हस्तक्षेप करने पर कम ही रुचि लेंगे। इसके पीछे का एक कारण यह भी है कि आतंकवाद दुनिया भर के देशों के लिए एक बड़ा संकट बन चुका है। विशेषतः तब, जब भारत के लिए युद्ध का मुद्दा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को अपने कब्जे में लेना है जिससे आतंक की घुसपैठ भारत में रोकी जा सके और धारा 370 को हटाने के बाद कश्मीर की स्थिति सामान्य हो सके। साथ ही आतंकी कश्मीरियों को भारत के खिलाफ बरगलाने में सफल ना हो सके।

4. चौथी महत्वपूर्ण संभावना यह है कि, पाकिस्तान के वजीर – ए – आज़म का नियंत्रण पाकिस्तान पर लगभग समाप्त हो गया है और पाकिस्तानी सेना और आतंकवाद का नियंत्रण पाकिस्तान पर बहुत अधिक बढ़ गया है।
ऐसी स्थिति में पाकिस्तान भारत पर हमला करने के लिए बाध्य है।
चूंकि, पाकिस्तान के आम नागरिकों के आहत होने या मरने से, आतंकवादियों के मंसूबों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। और वैसे भी, आतंकवाद का मकसद ही भारत पर कब्जा करना है तो वह अपनी योजना को सफल बनाने के लिए, पाकिस्तान की आवाम को बलि का बकरा बना देंगें। और, वैसे भी ईद आने ही वाली है।

अब देखना यह होगा कि, आने वाले समय में जब भारत आतंकवाद का सफाया करेगा। तो क्या आतंकवाद का साथ देने वाले देश भी भारत के खिलाफ युद्ध क्षेत्र में उतर आएंगे।
और भारत से ईर्ष्या करने वाले देश व भारत को कमजोर सोचकर कब्जा करने की मनोवृत्ति, क्या उस समय भारत के खिलाफ खड़े होंगें?

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