कोरोना काल में You tube और Tiktok में से, कौन किस पर भारी? जैसे अमरीका या चीन? आइए , समझते हैं।

दोस्तों जैसा की हम जानते हैं कि YouTube एक अमरीकी वीडियो शेयर करने वाली वेबसाइट है और tiktok वीडियो शेयर करने वाली एक सामाजिक सेवा है जो चीन में बनाई गई है।

Tiktok vs You tube & America vs China(Funny video) –

दिलचस्प बात यह है कि, इस समय दुनिया में कोरोना को लेकर जिस तरह चीन और अमरिका आपस में भिड़े हुए हैं उसी प्रकार YouTube और tiktok में भी ठनी पड़ी है।

जिस प्रकार अमेरिका और चीन के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। उसी प्रकार YouTube और tiktok के मध्य भी प्रतिस्पर्धात्मक होड़ लगी हुई है और दोनों को ही उपभोक्ताओं/वीडियो निर्माताओं द्वारा ट्रॉल भी किया जा रहा है।

Tiktok पर वीडियो निर्मित करने से लेकर उसे डालने तक की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध है तो दूसरी तरफ YouTube की प्रसिद्धि और वर्चस्व अभी तक कायम है।

इस समय जिस प्रकार अमरीका ने चीन के आडंबरों और करतूतों का पर्दफाश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है उसी तरह YouTube के वीडियो बनाने वाले कुछ एक प्रसिद्ध रचनाकारों ने भी Tiktok की धज्जियां उड़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। इंटरनेट की इस जंग ने भी धीमे – धीमे अब विकराल रुप ले लिया है और इसका अच्छा खासा नुकसान Tiktok को भुगतना पड़ रहा है। Tiktok की रेटिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ Tiktok और YouTube उपभोक्ता तो Tiktok के बहिष्कार तक की बात भी कर रहे हैं। और तो और, वह लोग Tiktok का बहिष्कार करने के लिए tiktok पर ही वीडियो निर्मित करके ऐसी विडियोज साझा कर रहे हैं।

समान स्थिति चीन और अमरीका की है। अमरीका चीन को कोरोना वायरस फैलाने का जिम्मेदार मानता है और चीन पर आरोप सिद्ध करने को उतारू है। अमरीका का ध्यान अपने लॉकडाउन और कोरोना संक्रमितों पर कम और चीन की बर्बादी करने के लिए ज्यादा नजर आता है।

वैसे ऐसी(कोरोना महामारी संकट जैसी) विकट परिस्थिति में जो राष्ट्र या देश अपनी बिगड़ी परिस्थितियों को सुधारने के बजाए दूसरों का बुरा करने में लग जाता है उसका पतन होना लगभग तय होता है चाहे उस व्यक्ति या देश की भावना सही हो या गलत।
जैसा कहते हैं कि, जब अपने घर में आग लगी हो तो पहले अपने घर की आग बुझाओ ना की दूसरों का घर जलाने निकल जाओ। वही बात अमरीका पर सही साबित होती दिख रही है।

दूसरी ओर इंटरनेट की दुनिया ने, चीन की सारी साख और बना बनाया धंधा चौपट करने की ठान ली है। चीन कोरोना महामारी फैलाने के आरोपों से घिरा हुआ है और व्यापार जगत में अपनी कब्र खुद खोदने पर तुला पड़ा है।
चीन पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है कि – “अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मरना”।

जहां तक Tiktok की बात है, चीन अपने हिसाब से सही उत्पाद मार्केट में लाया था। जैसा कि Tiktok पर एक मिनट से अधिक अवधि की वीडियो नहीं बनाई जा सकती।
और कहावत भी है कि – “चाइना का माल ज्यादा देर नहीं टिकता”। इस हिसाब से तो प्रोडक्ट ठीक ही है।

अंततः यह कहा जा सकता है कि, भले ही YouTube, Tiktok की जंग में जीत YouTube की हो। परन्तु, चीन के आए वायरस की जंग में तो अमरीका हारता सा नजर आ रहा है।

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